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Sunday, August 20, 2017

'टैप मी' पर करें बस एक क्‍ि‍लक, ऑनलाइन पाएं कारपेंटर इलेक्ट्रिशियन से लेकर प्लंबर व पेंटर तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया स्कीम अब घर की आम समस्याओं में भी मददगार बन रही है। घर का एसी खराब हो या पानी की समस्या हो, इलेक्ट्रिसिटी की प्रॉब्लम हो या फिर वाशिंग मशीन, फ्रिज या टीवी खराब हो गया हो, इन सभी चीजों का सॉल्यूशन अब ऑनलाइन अवेलबल है। जानें कैसे...
स्टार्ट-अप शुरू किया
देश के दो आईआईटीयंस ने 'टैप मी' के नाम से एक स्टार्ट-अप शुरू किया है, जो इन सभी घरेलू समस्याओं की ऑनलाइन डिमांड को भरोसेमंद टेक्नीशियंस के जरिए सॉल्व करता है। फिलहाल कंपनी सिर्फ जयपुर, पटना और विशाखापट्नम में सर्विस प्रोवाइड करा रही है। इस साल के अंत तक इसके कई अन्य शहरों तक एक्सपैंसन का प्लान है। 

2015 में हुई शुरुआत 
आईआईटी बांबे से पासआउट स्नेहांशु गांधी और आईआईटी कानपुर के गौरव श्रीश्रीमल इस कांसेप्ट के जनक हैं। इन दोनों ने मिलकर 2015 में इसकी नींव रखी। तब से लेकर अब तक ये बड़ी तेजी से ग्रो कर रही है। स्नेहांशु के मुताबिक, अब तक इन 3 शहरों में 30 हजार से ज्यादा लोग उनकी सर्विस का फायदा उठा चुके हैं। 50 परसेंट से ज्यादा कस्टमर्स ऐसे हैं, जो बार-बार सर्विस डिमांड कर रहे है। इतना ही नहीं, कंपनी का ग्रोथ रेट 40 परसेंट के करीब पहुंच चुका है, जबकि विजिटिग रेशियो 2 से ढाई हजार परमंथ है। वहीं कंपनी में 30 टेक्नीशियंस और 60 लोगों की टीम लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए काम कर रही है। 

मिल रहा रोजगार
स्नेहांशु के मुताबिक, यह सिर्फ डिजिटल इंडिया ही नहीं बल्कि स्किल इंडिया का भी हिस्सा है। इसके जरिए हम उन स्किल्ड लोगों का छोटे शहरों से बड़े शहरों में पलायन रोकना चाहते हैं जो काम की तलाश में आते हैं। ऐसे लोगों को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर हम न सिर्फ उन्हें रोजगार देने का काम कर रहे हैं, बल्कि घरेलू समस्याओं से दो-चार हो रहे आम लोगों को भरोसे के साथ सॉल्यूशन भी प्रोवाइड करा रहे हैं। 

भरोसे की गारंटी 

स्नेहांशु के मुताबिक, हम हर स्टाफ की नियुक्ति से पहले उसके काम के साथ-साथ उसकी क्वालिफिकेसन, कैरेक्टर व अन्य चीजों की परख करते हैं। उनका पुलिस के द्वारा एड्रेस वेरिफिकेशन कराया जाता है, ट्रेन्ड लोगों से ट्रेनिंग दिलाई जाती है, कंपनी की यूनिफॉर्म दी जाती है। इसके बाद ही उन्हें नियुक्त किया जाता है। इससे हमारी सेवाएं लेने वाले लोगों को हम भरोसे की गारंटी दे पाते हैं। 
 
क्या है खासियत?
ऑनलाइन डिमांड पर कारपेंटर से लेकर इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और पेंटर की सुविधा। 
कोई विजिटिंग चार्ज नहीं, प्रॉब्लम सॉल्व होने पर ही जेन्युइन चार्जेस। 
भरोसे का दावा, सभी टेक्नीशियंस का नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन।

कितने लोगों को फायदा 
* 3 शहरों में 30 हजार से ज्यादा लोग उनकी सर्विस का फायदा उठा चुके हैं। 
50 परसेंट से ज्यादा कस्टमर्स दोबारा सर्विस डिमांड कर रहे हैैं। 
40 परसेंट की तेजी से बढ़ रहा है कंपनी का बिजनेस। 
2 से ढाई हजार के बीच है टेक्नीशियंस का विजिटिंग रेशियो।
30 टेक्नीशियंस और कुल 60 लोगों को मिल चुका है जॉब।

बड़े काम के हैं स्‍मार्टफोन के ये 4 सीक्रेट कोड

मोबाइल फोन और स्‍मार्ट फोन इस्‍तेमाल तो सब करते हैं लेकिन इससे जुड़ी कई सेटिंग्‍स बेस्‍ड जानकारियां ऐसी हैं जिनसे अनजान होते हैं। जबकि ये सब चीजें यूजर के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। ऐसी एक सेटिंग हैं USSD जिससे जुड़े कई कोड बेहद महत्‍वपूर्ण होते हैं पर हम उनके बारे में कुछ नहीं जानते। चलिए आज आपको बताते USSD सेटिंग्‍स से जुड़े चार अहम् कोड के बारे में।
सबसे पहले जानें क्‍या है यूएसएसडी सेटिंग
स्‍मार्ट फोन हो या साधारण फोन यूएसएसडी यानि अनर्स्‍टर्क्‍चड सप्‍लीमेंट्री सर्विस डाटा कोड लगभग हर फोन में होते हैं। कुछ विशेष स्‍थितियों को छोड़ कर जैसे रिलायंस जियो ने अपने सर्विस पर यूएसएसडी सेवा को ब्‍लॉक किया हुआ है। बाकी आमतौर पर सभी टेलिकॉम कंपनियां ये सुविधा देती हें। यूएसएसडी से कई सारी सुविधायें ली जा सकती हैं। आप यूएसएसडी कोड से फोन बैंकिंग और फेसबुक जैसी सुविधायें भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ये सभी सेवायें USSD से जुड़े कोड के द्वारा एक्टिव और इनएक्टिव होती हैं। तो अब जानें कुछ काम के यूएसएसडी कोड के बारे में।

जानें क्‍या है #62# कोड
अगर आपके नंबर पर नो सर्विस या नो आंसर की समस्‍या हो जाये तो आप ये कोड डायल करें। इससे आपके कॉल, मैसेज और डाटा से जुड़ी सेवायें एक्टिव हो जाती हैं। इसे डायल करके आप अपनी कॉल दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड कर सकते हैं। अगर आपने दूसरे नंबर पर अपनी कॉल फॉरवर्ड कर रखी है, तो मेसेज में वो फॉरर्वड नंबर ही नजर आएगा।

जानें क्‍या है #06# कोड 
इस कोड से आपको फोन में लगे सिम स्लॉट का आईएमईआइ नंबर पता चल जाता है। आईएमईआइ नंबर बेहद जरूरी होता है।  ये एक यूनीक नंबर होता है जिससे आपके मोबाइल की पहचान होती है। यानि अगर आपका मोबाइल खो जाए या फिर उसका गलत प्रयोग हो तो इसी IMEI  नंबर की मदद से आपका मोबाइल ट्रैक किया जा सकता है।

जानें क्‍या है #21# कोड
इस कोड की मदद से पता चलता है कि आपके नंबर की डाटा, वॉयस, फैक्‍स, एसएमएस, एसवाईएनसी, एएसवाईएनसी, पैकेट एक्‍सेस और पैड जैसी चीजें फॉरवर्ड हो भी रही हैं या नहीं। 

जानें क्‍या है ##002# कोड 
ये भी काफी इंर्पोटेंट कोड है। इसकी मदद लेकर अगर आपकी कॉल किसी नंबर पर फॉरवर्ड हो रही है, या कोई और सर्विस फॉरवर्ड हो रही है और आप उसे हटाना चाहते हैं। एसे में इस कोड के जरिए उस नंबर को इरेज किया जा सकता है।

Saturday, August 19, 2017

नॉर्वे में चलता है दुनिया का सबसे तेज मोबाइल इंटरनेट, ऐसी स्‍पीड के आगे 5G भी फेल

शानदार बात ये है कि सिर्फ 13 महीने में उसने हासिल किया ये कठिन मुकाम।
OSLO: मोबाइल इंटरनेट की स्पीड के मामले में महज 13 महीने के भीतर नॉर्वे ने दुनिया के बाकी देशों को पीछे छोड़ दिया है। ब्रॉडबैंड टेस्टिंग के मामले में दुनिया की प्रमुखतम कंपनी ओकला के ताजा आकलन में नॉर्वे में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड 52.6 मेगाबाइट्स प्रति सेकेंड पाई गई है। जबकि नीदरलैंड्स और हंगरी सबसे तेज मोबाइल इंटरनेट वाले देशों की सूची में दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। यह जानकारी चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने दी है।

11वें से पहुंचा नंबर एक पोजीशन पर
13 महीने पहले हुए सर्वे में नॉर्वे की इंटरनेट स्पीड दुनिया में 11 स्थान पर थी लेकिन अब वह पहले स्थान पर है। महज एक साल में वहां की इंटरनेट स्पीड में 69 फीसद का इजाफा हुआ है। हालात में यह बदलाव तब आया जब टेलीनोर कंपनी ने अपना नेटवर्क विकसित करके सेवा को बेहतर बनाना शुरू किया। टेलीनोर नॉर्वे में इंटरनेट सेवा देने वाली प्रमुख तीन कंपनियों में शामिल है। जुलाई के अंत में कंपनी की सेवा वाली सेवा में डाउनलोड स्पीड 58.6 मेगाबाइट्स प्रति सेकेंड तक दर्ज की गई।

बाबा रामदेव ने लॉन्‍च किया एक नया वैदिक चैनल

योग और एफएमसीजी सेक्टर में कोहराम मचाने के बाद बाबा रामदेव अब नए वेंचर की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। रामदेव ने बुधवार को एक नए धार्मिक चैनल की शुरुआत की। इस चैनल का नाम वैदिक रखा गया है। बाबा ने ट्विटर पर खुद इसका ऐलान किया है। इस चैनल पर वेद, दर्शन, उपनिषद, रामायण, महाभारत और गीता का ज्ञान ले सकेंगे।
कोलगेट को टक्‍कर दे रहा है पतंजलि का दंतकांति
योग गुरु के ऐलान के बाद ट्विटर पर कई लोगों ने उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं भी दीं। पिछले दिनों एमएमसीजी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी कोलगेट ने भी माना था कि बाबा रामदेव की पतंजलि से उनकी कंपनी को कड़ी टक्कर मिल रही है। कंपनी के सीईओ इयान कुक ने कहा था कि इंडिया में पतंजलि अपने कारोबार को बेहद राष्ट्रवादी नजरिए से पेश करती है। लोकल मार्केट में यही कॉन्सेप्ट्स हैं। वे प्रीमियम प्राइस पर फोकस रखते हैं। इसका मतलब यह है कि आपको ऐसे ऑफर का मुकाबला करना है जिसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।

ग्रहकों को पसंद आ रहे हैं आयुर्वेदिक और हर्बल उत्‍पाद
ये ऑफर उस बेनेफिट पर अटैक करता है जिसे पाने की उम्मीद कंज्यूमर कर रहा होता है। यह बयान टूथपेस्ट मार्केट में कोलगेट इंडिया का हिस्सा तेजी से घटने के बाद आया है। पिछले साल इसका मार्केट शेयर 180 बेसिस पॉइंट्स घटा। यह एक दशक में सबसे तेज गिरावट रही क्योंकि कन्ज्यूमर्स आयुर्वेदिक या हर्बल होने का दावा कर रहे ब्रैंड्स की ओर मुड़ रहे हैं। कंपनी का सेल्स वॉल्यूम पिछले फिस्कल इयर में 4 परसेंट घटा। साल 2016 के दौरान टूथपेस्ट में 55.6 परसेंट और टूथब्रश कैटिगरी में 47.3 परसेंट मार्केट शेयर के साथ कंपनी अब भी इंडिया में सबसे बड़ी ओरल केयर कंपनी है।

Friday, August 18, 2017

वीडियो गेम से लर्निग ग्रेट आइडिया!




वीडियो गेम मशीन के प्रति जहां एक ओर बच्चों का जबरदस्त क्रेज होता है, वहीं दूसरी ओर अधिकतर पैरेन्ट्स का यही मानना है कि इससे बच्चों की पढाई बाधित होती है। खेल या फन के प्रति बच्चों का झुकाव स्वाभाविक है, तो पैरेन्ट्स की इस बात में भी दम है कि आजकल के इस कॉम्पिटीटिव माहौल में वही आगे बढ सकेगा, जो पढाई को गंभीरता से लेगा।

जरा कल्पना करो उन दिनों की, जब सभी स्टूडेंट्स गेमिंग कांसोल लेकर स्कूल जाएंगे। और जब ऐसा होगा, तब बुक्स या नोटबुक्स की कोई जरूरत ही नहीं रह जाएगी..। तुम सोच रहे होगे कि भला ऐसा भी हो सकता है क्या? बिल्कुल हो सकता है, अगर सारा स्टडी मैटीरियल एक कम्प्यूटर चिप में मौजूद हो! या फिर खास तरह के सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर तैयार किए जाएं, जिससे पढाई से संबंधित सारी सामग्री पलक झपकते ही कम्प्यूटर या वीडियोगेम स्क्रीन पर आ जाए? आजकल इसी थीम पर दुनिया भर के साइंटिस्ट, एजुकेटर्स, इंजीनियर्स व टेक्नॉलॅजि प्रॅफेशनल्स काम कर रहे हैं, ताकि गेम कांसोल के माध्यम से रीडिंग, राइटिंग व कैलकुलेशन्स - तीनों एक साथ संभव हो जाए।

दरअसल, इस बात को दुनिया के सभी एजुकेटर्स मान रहे हैं कि किसी भी चीज को बच्चे तभी अच्छी तरह सीख पाते हैं, जब सिखाने वाला माध्यम उनकी पसंद का हो। यानी कि महत्वपूर्ण यह नहीं कि आप बच्चों को क्या सिखाना चाहते हैं, बल्कि कैसे सिखाते हैं - यह अधिक महत्वपूर्ण है। इस प्रॉजेक्ट में जबरदस्त सफलता मिली है और दुनिया भर में कई जगहों पर इसे तैयार कर लिया गया है और धीरे-धीरे आजमाया भी जा रहा है। इसे लागू करने से पहले बच्चों की पसंद के हिसाब से विभिन्न श्रेणियां तय की गई - एचीवर्स, ट्रैडिशनल्स, क्रिएटिव्स, रिबेल्स व लोनर्स और उसी हिसाब से अलग-अलग तरह के लर्निग टूल्स भी ईजाद किए जा रहे हैं।

वीडियो गेम मशीन के प्रति जहां एक ओर बच्चों का जबरदस्त क्रेज होता है, वहीं दूसरी ओर अधिकतर पैरेन्ट्स का यही मानना है कि इससे बच्चों की पढाई बाधित होती है। खेल या फन के प्रति बच्चों का झुकाव स्वाभाविक है, तो पैरेन्ट्स की इस बात में भी दम है कि आजकल के इस कॉम्पिटीटिव माहौल में वही आगे बढ सकेगा, जो पढाई को गंभीरता से लेगा।

इन्हीं बातों के मद्देनजर एक ऐसा रास्ता निकाला गया है, जिससे बच्चे और पैरेन्ट्स दोनों खुश हो जाएंगे। जी हां, वीडियो गेम कांसोल के माध्यम से पढाई की तकनीक ने जापान के क्लासरूम में अपनी खास जगह बना ली है। अब बच्चे नाइन्टेंडो डीएस गेम कांसोल के डबल स्क्रीन पर मैथेमेटिकल कैलकुलेशन्स करते नजर आएंगे।

मल्टी-टास्किंग को अंजाम देने वाले इन गेमिंग कांसोल की मदद से बच्चों को अंग्रेजी के शब्द भी सिखाए जा रहे हैं। ऐसे गेमिंग कांसोल के साथ मजेदार बात यह है कि बच्चे एक ही समय में अंग्रेजी के शब्दों को स्क्रीन पर देख सकते हैं, उनका सही उच्चारण सुन व सीख सकते हैं और अपने अभ्यास के लिए उसे लिख भी सकते हैं।

दरअसल, गेमिंग कांसोल के साथ लर्निग का एक विशेष लाभ यह होता है कि सीखने की स्पीड भी तेज हो जाती है। इसके अलावा, किसी भी विषय पर मस्तिष्क को फोकस करने की क्षमता यानी कि एकाग्रता भी बढती है।

नासा की ओर से एजुकेटर्स के लिए ग्लेन लर्निग टेक्नॉलॅजि प्रॉजेक्ट मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे मिड्ल, जूनियर व हाई स्कूल के स्टूडेंट्स को वैज्ञानिक तरीके से सिखाने में मदद मिलती है। कम्प्यूटर गेम की तरह के इस FoilSim को नासा ग्लेन रिसर्च सेंटर के एयरोडाइनैमिसिस्ट टॉम बेन्सन ने तैयार किया है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए लॉग ऑन कर सकते हैं - www.grc.nasa.gov पर। अब ऐसे गेम्स तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मोबाइल फोन के स्क्रीन पर भी खेला जा सकता है और खेल-खेल में कई चीजें सीखी जा सकती हैं। प्लेफुल लर्निग का यह तरीका मजेदार है न?

जेजे डेस्क

वीडियो गेम अब बच्चों के लिए सिर्फ एंटरटेंमेंट का साधन नहीं रह गया है। विदेशों में गेम कांसोल के माध्यम से स्टूडेंट्स की लर्निग स्किल्स बढ़ रही हैं। तुम लोगों के लिए यह कॉन्सेप्ट नया जरूर है, पर खेल-खेल में सीखने का यह नायाब तरीका तुम्हें भी पसंद जरूर आएगा। क्या है यह लर्निग फंडा?

Thursday, August 17, 2017

एयरपोर्ट पर अगर तोड़े नियम तो खाली हो जाएगी आपकी जेब

अगर नियमों को तोड़ना आप अपनी खासियत समझते हैं तो अब से एयरपोर्ट पर जाने से पहले जेब में मोटी रकम रखना जरूरी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के नए नियमों के अनुसार जुर्माने की रकम 25 गुना बढ़ा दिया गया है।
पान थूकने पर लगेगा इतना जुर्माना
अगर आप को अक्‍सर नियमों को तोड़ने की आदत है तो जरा ध्‍यान से क्‍योंकि देश के किसी भी एयरपोर्ट पर नियम तोडऩे पर आपको भारी जुर्माना अदा करना पड़ेगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हाल ही में जुर्माने की रकम को 10 से 25 गुना तक बढ़ा दिया है। अब तक नो-पार्किंग में गाड़ी पार्क करने पर 200 रुपए का जुर्माना वसूला जाता था। इसे 25 गुना बढ़ाते हुए 3000 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह एयरपोर्ट पर पान-गुटखा थूकने पर 200 रुपए जुर्माना लगता था अब 2000 रुपए लगेगा। नए नियम जल्द ही सभी एयरपोर्ट पर लागू किए जाएंगे।

यहां भी बदली जुर्माने की रकम
ऑपरेशन एरिया में कचरा फेंकने पर अब तक 500 रुपए जुर्माना लगता था अब 5000 रुपए लगेगा। पैसेंजर ट्रॉली का मिसयूज करने पर 200 रुपए जुर्माना लगता था अब 2000 रुपए लगेगा। ड्यूटी पर तैनात लोगों से बदतमीजी करने पर 200 रुपए फाइन की जगह अब 2000 रुपए देना होगा। किसी भी तरह की गलत हरकत पर 200 रुपए की जगह 5000 रुपए लगेगा। एयरपोर्ट पर रॉन्ग साइड में वाहन चलाने पर अब 200 नहीं 5000 रुपए देना होगा।

घर बैठे 2 मिनट में चेंज कर सकते हैं आधार कार्ड में मोबाइल नंबर, जानें पूरी प्रक्रिया



अगर आपने नया मोबाइल नंबर लिया है और आप उसे अपने आधार कार्ड से जोड़ना चाहते हैं तो ये काम आप घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको कुछ ही मिनट का समय चाहिए। हां ये ध्‍यान रखें की आप के आधार में पहले से आपका पुराना नंबर दर्ज होना चाहिए। या आधार कार्ड बनवाते समय अगर आपके पास फोन नहीं था तो आप ने उसमें कोई अन्‍य फोन नंबर डाला हुआ हो। अगर ऐसा है तो बस आप नया नंबर आराम से जोड़ सकते हैं, आइये जाने कैसे।
  • पहला चरण: आधिकारिक वेबसाइट resident.uidai.gov.in पर जायें और उसके सबसे ऊपर लिखें आधार अपडेट (aadhar update) पर क्‍लिक करें।
दूसरा चरण: पेज पर क्‍लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा। यहां रिक्‍वेस्‍ट फॉर आधार अपडेट के ठीक नीचे अपडेट आधार डिटेल्‍स ऑन लाइन लिखा होगा। वहां क्‍लिक करें।
तीसरा चरण: एक नया पेज विज्ञापन के साथ खुलेगा। विज्ञापन को छोड़ कर जहां क्‍लिक हियर लिखा हो वहां जाकर क्‍लिक करें।
चौथा चरण: जो पेज सामने आये उसमें अपना 12 डिजिट का आधार नंबर एंटर करें और टेक्‍स्‍ट वैरिफिकेशन या कपाचा डाल कर सेंड ओटीपी पर क्‍लिक करें। आपके पहले से डाले गए मोबाइल नंबर पर ओपीटी आयेगा उसे फिल कर के लॉग इन पर क्‍लिक करें।   
पांचवा चरण: अब आपके सामने जो पेज खुलेगा उसमें क्‍या अपडेट करना है इसकी जानकारी मांगने वाला पेज खुलेगा उसमें मोबाइल नंबर को सलेक्‍ट कर लें।
छठा चरण: अपडेट पेज खुलने पर इसमें अपना नया मोबाइल नंबर फिल करें और सब्‍मिट अपडेट रिक्‍वेस्‍ट पर क्‍लिक करें। आपसे नंबर वेरिफाई करने को कहा जायेगा उसे वेरिफाई करें और प्रोसीड पर क्‍लिक कर दें।

अन्‍य परिर्वतन भी संभव: आपका मोबाइल नंबर बदल गया है अब आपको आधार कार्ड आपके इच्‍छित नंबर से लिंक हो गया है। इसी प्रक्रिया से आप अपनी ईमेल आईडी और पता आदि जानकारी भी चेंज या अपडेट कर सकते हैं।

Wednesday, August 16, 2017

Passion of Online Games ऑनलाइन गेम्स का पैशन





धूम मचा ले.. मचा ले.. गुनगुनाता हुआ 14 वर्षीय रोहन आज बहुत खुश लग रहा था। उसे इतना खुश देखकर उसके डैड ने पूछा क्या बात है आज बहुत मूड में हो! रोहन ने तुरंत जवाब दिया कि हां, आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मैं अपने फेवॅरिट स्टार जॉन अब्राहम की ही तरह बाइक रेसिंग करके जो आ रहा हूं। बस इतना सुनना था कि डैड ने उसे डांटते हुए कहा कि अभी तुम्हारी उम्र बाइक चलाने की नहीं हुई है। कहीं कोई दुर्घटना घट जाती, तो? मनमौजी रोहन स्टाइलिश तरीके से बोला, अरे! डैड, डोन्ट वॅरी बी कूल। मैं सचमुच में सडक पर बाइक चलाकर नहीं आ रहा हूं, बल्कि प्ले-स्टेशन में बाइक रेसिंग ऑनलाइन गेम खेलकर आ रहा हूं।

हां दोस्तो, आजकल हमारे ज्यादातर फ्रेंड्स स्पोर्ट्स की वर्चुअल दुनिया का खूब लुत्फ उठा रहे हैं, जिसे वे अपनी भाषा में ई-स्पोर्ट्स कहते हैं।

कैसे खेलते हैं ऑनलाइन गेम्स
ऑनलाइन गेम वीडियो गेम का ही एडवांस वर्जन है, जिसे आप अपने पीसी पर या किसी प्ले-स्टेशन में खेलते हैं। आजकल बहुत-सी ऐसी वेबसाइट्स हैं, जहां से आप विभिन्न तरह के गेम्स डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से अधिकतर मुफ्त में डाउनलोड हो जाते हैं, जबकि कुछ के लिए मेंबरशिप लेनी पडती है।

गेम का पैशन
ऑनलाइन गेम कादीवाना तेरह वर्षीय आदित्य बताता है कि ऑनलाइन गेम में पैशन है। आप अगर स्पोर्ट्स का असली मजा लेना चाहते हैं और प्लेग्राउंड पर पसीना नहीं बहाना चाहते हैं, तो ऑनलाइन गेम की वर्चुअल दुनिया बहुत बेहतर विकल्प है। इस पर नए-नए रोमांचक गेम्स के अलावा पारंपरिक गेम्स जैसे- ताश, शतरंज, बिलियर्ड्स, कैरम आदि भी बडी संख्या में युवा खेलते हैं। पिंग पॉन्ग, मारियो ब्रॉस, सुपर मारियो, वर्चुअल क्रिकेट, नीड फॉर स्पीड, कार रेसिंग, बाइकिंग, वार विद डेविल आदि गेम्स बहुत लोकप्रिय हैं।

पिछले दो वर्ष से ऑनलाइन गेम खेलने वाले मयंक के अनुसार अब ऑनलाइन गेम की दुनिया बहुत एडवांस हो गई है, क्योंकि आप अपने घर या प्ले-स्टेशन पर बैठकर नेशनल और इंटरनेशनल लेवॅल पर आयोजित हो रहे ऑनलाइन कॉम्पिटिशंस में भाग ले सकते हैं। वे बताते हैं कि अब मैसिव मल्टीप्लेयर्स ऑनलाइन रोल-प्लेइंग गेम, जिसे हम एमएमओआरपीजी कहते हैं, के माध्यम से आप एक ही समय में बहुत सारे लोगों के साथ एक ही गेम खेल सकते हैं।

कुछ अच्छा, कुछ बुरा
वैसे, युवाओं के बीच बहुत तेजी से पॉपुलर हो रहे ऑनलाइन गेम्स को लेकर पूरी दुनिया में बहस भी छिडी हुई है। इसका सपोर्ट करने वाले ग्रुप का तर्क है कि ऑनलाइन गेम्स खेलने से न केवल एकाग्रता बढती है, बल्कि आज प्लेग्राउंड के अभाव में टीनएजर्स प्ले-स्टेशन में बैठकर अपना मनोरंजन भी कर सकते हैं। वहीं कुछ दूसरे लोगों का मानना यह है कि ऑनलाइन गेम्स के कारण आज की जेनरेशन का शारीरिक विकास बाधित हो रहा है। भाग-दौड के खेलों से दूर सिर्फ घंटों तक वीडियो स्क्रीन पर आंख गडाए बैठने से न सिर्फ उनका शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि रोमांच के नाम पर उनमें हिंसक प्रवृत्ति भी बढ रही है।
वैसे, ब्रिटेन की नॉटिंग्घम टे्रंट यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग अटेंशन डेफिसिट डिसऑडर से पीडित बच्चों को इम्प्रूव करने में सहायक है।

ऑनलाइन गेम्स का इतिहास
पचास के दशक में जब कम्प्यूटर काफी बडे साइज के हुआ करते थे, उस समय एक कॉलेज स्टूडेंट ने अपने एक क्लास प्रोजेक्ट के लिए एक गेम, जिसे टिक-टैक-टो नाम दिया था की शुरुआत की। उसके बाद 1960 में एमआईटी के एक स्टूडेंट ने स्पेस वार गेम की प्रोग्रामिंग की, जिसे दो लोगों द्वारा खेला जाता था। फिर धीरे-धीरे ऑनलाइन गेम्स के क्षेत्र में विकास होता गया। नब्बे के दशक में थ्री-डी गेम्स ने इस क्षेत्र में नया रोमांच पैदा किया। वर्तमान दौर में माइक्रोसॉफ्ट, सोनी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी नए-नए प्रॉडक्ट लॉन्च कर ऑनलाइन गेम्स की दुनिया में रोजाना नया धमाल मचा रही हैं।

अभिषेक मेहरोत्रा

ई-स्पोर्ट्स या ऑनलाइन गेम्स आज की जेनरेशन की मनपसंद हॉबी है, इसलिए वे इंटरनेट पर वर्चुअल क्रिकेट से लेकर रेसिंग और माइंड गेम से लेकर पजल्स जैसे अनेक गेम्स का खूब लुत्फ उठा रहे हैं। कैसे?






World Wide War in between top 10 games टॉप 10 वीडियो गेम्स सुपरहिट मुकाबला

आज के डिजिटल युग में टीनएजर्स में वीडियो गेम्स के प्रति जबर्दस्त क्रेज है। छुट्टियों के इस मौसम में अधिकांश टीनएजर्स नए-नए वीडियो गेम्स की तलाश में रहते हैं। इसलिए इस बार हम आप लोगों को कुछ ऐसे वीडियो गेम्स के बारे में बता रहे हैं, जो वीडियो गेम्स की दुनिया में टॉप पर हैं। इन गेम्स को खेलने पर आप मनोरंजन के साथ-साथ रोमांच भी महसूस करेंगे। आइए जानते हैं कि इस समय कौन-कौन से गेम्स हैं टॉप टेन की लिस्ट में..
हैलो 3 (Halo 3)  : कॉम्बैट इवॉलव्ड और हैलो 2 का सीक्वॅल हैलो 3 युवाओं के बीच बहुत ही लोकप्रिय गेम है। इसके अंतर्गत मास्टर चीफ की एक बार फिर वापसी होती है और इस बार लडाई का अंत करने के लिए वह मैदान में उतरता है। एडवेंचर और पैशन वाले इस गेम को खेलते समय ऐसा लगता है कि वास्तव में आप एक पॉवरफुल ऐक्टिविटी में खुद भी शामिल होगए हैं।

द ऑरेंज बॉक्स (The Orange Box) : इस गेम के अंतर्गत कुछ एलियंस धरती पर आक्रमण करते हैं। यह बहुत ही विस्मयकारी गेम है, जिसमें हर पल क्या नया होगा, आपको पता ही नहीं होता।

रॉक बैंड (Rock Band) : म्यूजिक के दीवाने यंगस्टर्स के लिए यह बिंदास गेम है। इसमें एक कैरेक्टर गाता है, तो अन्य तीन कैरक्टर ड्रम, गिटार आदि म्यूजिक इंस्ट्रुमेंट्स प्ले कर एक रॉकिंग परफॉर्मेस देते हैं।

सुपर मारियो गैलेक्सी (Super Mario Galaxy) : यह आपके लिए परिचित नाम है, मगर ये आमतौर पर खेले जाने वाले मारियो गेम से ज्यादा एक्साइटिंग है। रोमांचक उछल-कूद करने वाला मारियो कैरेक्टर आपको खूब गुदगुदाता है।

बायोशॉक (BioShock) : पानी के अंदर बनी अंडरवॉटर सिटी में खेले जाने वाला यह ऐक्शन गेम बेहद रोमांचक है। इस अद्भुत खेल में लहरों के नीचे बसे शहर में आपको वहां के शासक को मारना होता है।

कॉल ऑफ डयूटी 4 (Call of Duty 4) : कभी न खत्म होने वाली वॉर पर आधारित यह गेम आपको असली लगने वाली बैट्लफील्ड में उतार देता है, जहां आपको अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों को पटखनी देनी होती है। यह बैट्लफील्ड आपको पूरी दुनिया का भ्रमण कराती है। रूस से लेकर मिडिल ईस्ट तक की यात्रा आप युद्ध के दौरान करते हैं।

लिजेंड ऑफ जेल्डा : फैंटम आवॅरग्लास (Legend of Zelda: Phantom Hourglass) : इस गेम में लिंक और ट्रेटा जैसे किरदार बेहद रोमांचक काम करते हैं। बैंड ऑफ पाइरेट्स के ये लीडर्स घने कोहरे में एक शिप खोजते हैं। ट्रेटा को मुसीबत से निकालते समय लिंक एक महासागर में गिर जाता है और वहां से वह एक रहस्यमयी आईलैंड में पहुंच जाता है। बस इन्हीं कैरेक्टर्स के साथ आप रहस्यमयी आईलैंड पर घूमते हुए रोमांच का अनुभव करते हैं। वाई-फाई कनेक्शन के जरिये इसे ऐक्टिव कर आप अपने एक और साथी के साथ इस बेहद ऐडवेंचर्स गेम का खूब मजा उठा सकते हैं।

मास इफेक्ट(Mass Effect) : साइंस फिक्शन में रुचि रखने वाले टीनएजर्स के बीच लोकप्रिय यह गेम आप सिंगल हैंड भी खेल सकते हैं। आप करामाती 007 एजेंट की तरह एक मिशन पर काम करते हैं। आप विभिन्न लेवॅल क्रॉस करते हुए अत्याधुनिक वेपंस और सुरक्षा कवच पाते जाते हैं।

ऐस कॉम्बैट 6: फायर्स ऑफ लिबरेशन (Ace Combat : Fires of Liberation) : उच्च कोटि का प्रदर्शन करने वाले फाइटर्स का यह हाई ऐक्शन गेम वास्तव में रियल वीडियो गेम का मजा देता है। पहाड की चोटियों, शहर के ऊपर से, पुलों के नीचे आदि स्थानों से गुजरते हुए आप यानी वह वीडियो कैरेक्टर जिसको आप हैंडल कर रहे हैं, वह बहुत से डेयरिंग स्टंट्स करते हुए आगे बढता है।

गॉड ऑफ वॉर 2 (God of War 2) : यह गेम अपने पहले पार्ट गॉड ऑफ वॉर से काफी मिलता-जुलता है। क्रेटोस नामक कैरेक्टर आपके कंट्रोल पैनल में होता है, जिसका मुख्य हथियार उसके पास मौजूद एथिना ब्लेड्स हैं। इस कैरेक्टर के माध्यम से आप दुश्मनों का खात्मा करते हैं। क्रेटोस के पास कुछ जादुई शक्तियां भी हैं, लडाई में इनका भी प्रयोग होता है और क्रेटोस को माध्यम बनाकर आप दुश्मनों से खूब ढिशुम-ढिशुम करते हैं।

तो है न ये मजेदार गेम्स! अब आप इनका लुत्फ उठाइए, क्योंकि जब आप इन्हें खेलेंगे, तो आपको एक बार फिर महसूस होगा कि आप पृथ्वी से दूर किसी अन्य ग्रह पर अपना करिश्मा दिखा रहे हैं।

गेम निर्माता कंपनी कांसोल
हैलो 3 माइक्रोसॉफ्ट X box360 
द ऑरेन्ज बॉक्स इलेक्ट्रॉनिक्स आ‌र्ट्स X box360
पीसी, प्लेस्टेशन 3
रॉक बैंड एमटीवी गेम्स X box360
प्लेस्टेशन 2
प्लेस्टेशन 3
सुपर मैरियो निन्टेंडो निन्टेंडो 
गैलेक्सी डब्लूआईआई
बायोशॉक 2य गेम्स X box360
पीसी, पीएस 3
कॉल ऑफ एक्टिविसन X box360 
डयूटी 4 निन्टेंडो डीएस
पीसी
लिजेंड ऑफ निन्टेंडो निन्टेंडो डीएस
जेल्डा :
फैंटम ऑवरग्लास 
मास इफेक्ट माइक्रोसॉफ्ट Xbox360ऐस कॉम्बैट 6 : नैमको बंडाई Xbox360फायर्स ऑफ लिबरेशन 
गॉड ऑफ वॉर 2 सोनी प्लेस्टेशन 2

अभिषेक मेहरोत्रा

क्या आप अंडरवॉटर सिटी में घूमने का रोमांच महसूस करना चाहते हैं या फिर किसी बैट्लफील्ड में वॉरियर के रूप में उतरना चाहते हैं। बेहतरीन म्यूजिक प्ले करना चाहते हैं या करामाती 007 एजेंट के तौर पर कमाल कर दिखाना चाहते हैं। वैसे, आप अपनी इन कल्पनाओं को हकीकत में बदल सकते हैं। लेकिन कैसे..